Best Aradhana poems of Suryakant Tripathi Nirala DAS SUSMITA February 20, 2022February 20, 2022 कविता 0 Comments हे मानस के सकाल –सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला हे मानस के सकाल !छाया के अन्तराल ! रवि के, शशि के प्रकाश,अम्बर के नील भास,शारदा घन गहन-हास,जगती के अंशुमाल । मानव के रूप सुघर,मन के अतिरेक अमर,निःस्व विश्व के सुन्दर,माया के तमोजाल । Facebook Twitter WhatsApp Email Messenger Pinterest Pages: 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18
Best 25+ Faiz Ahmed Faiz ghazals in Hindi ६. न गवाँओ नावके-नीमकश दिले-रेज़ा-रेज़ा गवां दिया -फ़ैज़ अहमद फ़ैज़…