Best 25+ Faiz Ahmed Faiz ghazals in Hindi
१३. सफ़रनामा
पेकिंग
यूं गुमां होता है बाजू हैं मिरे साठ करोड़
और आफ़ाक की हद तक मिरे तन की हद है
दिल मिरा कोहो-दमन दशतो-चमन की हद है
मेरे कीसे मैं है रातों का सियहफ़ाम जलाल
मेरे हाथों में है सुबहों की अ’नाने-गुलगूं
मेरी आग़ोश में पलती है ख़ुदाई सारी
मेरे मकदूर में है मोजज़ए-कुन फ़यकून
सिंकियांग
अब कोई तबल बजेगा न कोई शाह सवार
सुबह दम मौत की वादी को रवाना होगा
अब कोई जंग न होगी न कभी रात गये
ख़ून की आग को अश्कों से बुझाना होगा
कोई दिल धड़केगा शब-भर न किसी आगन में
वहम मनहूस परिन्दे की तरह आयेगा
सहम, ख़ूंख़ार दरिन्दे की तरह आयेगा
अब कोई जंग न होगी मय-ओ-साग़र लाओ
ख़ूं लुटाना न कभी अश्क बहाना होगा
साकिया रक़स कोई रक़स-ए-सबा की सूरत
मुतरिबा कोई ग़ज़ल रंग-ए-हिना की सूरत
(आफ़ाक=क्षितिज, कोहो-दमन =पहाड़-टिब्बे,
अ’नाने-गुलगूं=फूलों के रंग का आकाश, मकदूर=
अंदाज़ा, मोजज़ए-कुन फ़यकून=’हो जा’ कहने के
साथ सृष्टि बनने का चमत्कार, मुतरिबा=गायिका)
