Best 25+ Faiz Ahmed Faiz ghazals in Hindi
६. न गवाँओ नावके-नीमकश दिले-रेज़ा-रेज़ा गवां दिया
न गवाँओ नावके-नीमकश दिले-रेज़ा-रेज़ा गवां दिया
जो बचे हैं संग समेट लो, तने-दाग़-दाग़ लुटा दिया
मेरे चारागर को नवेद हो, सफे-दुश्मनां को खबर करो
जो वो कर्ज़ रखते थे जान पर वो हिसाब आज चुका दिया
करो कज जबीं पे सरे-क़फन मेरे क़ातिलों तो गुमां न हो
कि गुरूरे-इश्क़ का बांकपन पसे-मर्ग हमने भुला दिया
उधर एक हर्फ कि कुश्तनी, यहां लाख उज़्र था गुफ़्तनी
जो कहा तो सुन के उड़ा दिया, जो लिखा तो पढ़ के मिटा दिया
जो रुके तो कोहे-गरां थे हम, जो चले तो जां से गुज़र गये
रहे-यार हमने क़दम-क़दम, तुझे यादगार बना दिया
(नावके-नीमकश=आधा खिंचा तीर, नवेद=खुशख़बरी,
पसे-मर्ग=मौत के बाद, कुश्तनी=मार देने वाला, उज़्र=
बेबसी, गुफ़्तनी=कहने योग्य, कोहे-गरां=बहुत बड़ा पहाड़)
