Best 25+ Faiz Ahmed Faiz ghazals in Hindi

Faiz Ahmed Faiz ghazals in Hindi

९. बेदम हुए बीमार दवा क्यों नही देते

-फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

बेदम हुए बीमार दवा क्यों नही देते
तुम अच्छे मसीहा हो शफ़ा क्यों नहीं देते

दर्दे-शबे-हिज्राँ की जज़ा क्यों नहीं देते
ख़ूने-दिले-वहशी का सिला क्यों नहीं देते

मिट जाएगी मखलूक़ तो इंसाफ़ करोगे
मुंसिफ़ हो तो अब हश्र उठा क्यों नहीं देते

हाँ नुक्तावरो लाओ लबो-दिल की गवाही
हाँ नग़मागरो साज़े-सदा क्यों नही देते

पैमाने-जुनूँ हाथों को शरमाएगा कब तक
दिलवालो गरेबाँ का पता क्यों नहीं देते

बरबादी-ए-दिल जब्र नहीं ‘फ़ैज़’ किसी का
वो दुश्मने-जाँ है तो भुला क्यों नहीं देते

लाहौर जेल ३१ दिसम्बर, १९५८

(जज़ा=पुरुस्कार, सिला=इनाम,
हश्र=प्रलय का दिन)

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